>> स्टार्टअप अपने यूनिक प्रोडक्ट और सर्विसिस के लिए जाने जाते है। इसी तरह के बिज़नेस में लीग्स से हटकर आइडिआ पर काम किया जाता है। और ये बिज़नेस बोत बड़े लेवल पर लॉन्च नहीं होते। बल्कि इन्हे फंडिग की जरुरत पड़ती है।
>> स्टार्टअप सरु करना तो एक अच्छा ऑप्सन होता है। लेकिन वो कितना सक्सेस फुल होगा ये पहले से तय नहीं किया जाता। ऐसे में अगर आप भी अपने स्टार्टअप का बिज़नेस के बारेमे सोच रहेै है तो इसे सरु करने से पहले आपको ये पता होना चाहिए की एक स्टार्टअप रनके करने के लिए आपको किन किन चीजों की जरुरत होगी, और किस तरह की स्ट्रेटेजी से आपका स्टार्टअप सक्सेसफुल होने के चांसिस बढ़ेंगे। इसी लिए आज प्रोस्टार सपोर्ट के मेसेज में हम आपको स्टार्टअप सेै जुडी खास इन्फोर्मेसन देने वाले है,इसी लिए इस मेसेज को पूरा जरूर पढ़े।
>> तो चलिए है दोस्तों की जानते है की स्टार्टअप सरु करने के लिए क्या क्या होना जरुरी है। यानी स्टार्टअप के इम्पोर्टेन्ट टूल्स क्या क्या है।
1 प्रोपर प्लान
>> स्टार्टअप का नाम सुनने में जीतना एक्साइटिंग उतना एक्सटाइटिंग बनाने के लिए आपके पास प्रोपर प्लान होना जरुरी है। सिर्फ ibi के बेस पर स्टार्टअप खड़ा नहीं हो सकता। इसके लिए प्रॉपर स्ट्रेटेजी और माइंड सेट और फंड की जरुरत होती है। इसी लिए तुरंत स्टार्टअप सरु करने की बजह प्रॉपर प्लानिंग की जनि चाहिए। इसेक लिए बहोत से सक्सेसफुल स्टार्टअप की स्टडी भी की जा सकती। और फेल हुए स्टार्टअप की मिस्टेक के बारेमे भी रिसर्च की जनि चाहिए। ताकि वो मिस्टेक आपके स्टार्टअप में रिपीट होने से बच जाय।
2 कस्टमर्स
>> कस्टमर का रोल आपके स्टार्टअप में बहुत इम्पोर्टेन्ट होगा क्युकी सेटिस्फाइड कस्टमर बिज़नेस को हाईग देते है। और अगर कस्टमर को सेटिस्फेक्शन न मिले अच्छा खासा स्टार्टअप भी फेल हो सकता है। इसी लिए स्टार्टअप कस्टमर ओरिन्टेड होना चाहिए। इसके लिए आप कस्टमर की ऐसी नीड को फुलफिल करने के बारेमे सोच सकते है जो मार्किट में नई करवा रहा हो। ऐसा होने के आपके ज्यादा कस्टमर आएंगे और अगर आप मार्किट से अच्छी कोलेटी अवेलेबल करवाएंगे तो आपकी सर्विस के लिए मार्केट की कम्पेरिसम में थोड़ा ज्यादा अमाउंट पे करने में कस्टमर पीछे नहीं हटेंगे। तो आपका स्टार्टअप चाहे फ़ूड सर्विसिंग से रिलेटेड हो मेडिसिन से रिलेटेड हो ,डिसाइनिग बेस हो या पेमेंट सर्विस जैसी कोई भी सर्विस हो।
3 प्रोडक्ट
>> किसी भी स्टार्टअप के लिए प्रोडक्ट भी कस्टमर की तरह बेहद इम्पोर्टेन्ट होता है। आपका प्रोडक्ट कस्टमर की उन सभी डिज़ायर को पूरा करने में केपेबल होना चाहिए जो डिजायर और नीड़ मार्केट भी पूरी नहीं कर पा रहा हो। इसके साथ साथ स्टार्टअप बिगनिंग में आपका प्रोडक्ट का प्राइस भी कस्टमर फ्रेंडली होना चाहिए। ताकि एक नए स्टार्टअप के किसी को ट्राय कर के देखेना कस्टमर को डिफिकल्ट न लगे। और ये तो आप ही जानते होंगे की अगर आपका प्रोडक्ट कस्टमर फ्रेंडली होगा तो बोत जल्द कस्टमर थोड़ा और पेमेंटउस करके भी उस प्रोडक्ट को लेने नहीं भूलेंगे।
4 राइट टाइम
>> लाइफ के बाकि सब डिसीजन टाइम से रिलेटेड होते है। बिलकुल वैसे ही स्टार्टअप बिज़नेस में भी राइट टाइम होना बहुत जरुरी है। लेकिन इस बात ने बोत से स्टार्टअप ने सही से समजा नहीं जिसकी वजह से वो मार्केट में ज्यादा वख्त नहीं टिक पाया। इसका रिसन ये रहा की बिना मार्केट के रिसर्च और इस सोर्स के नॉलेज के लिए ऐसे स्टार्टअप राइट टाइम से पहले ही मार्केट में उतर गए। और कुछ ही दिनों की प्रोग्रेस के बाद फेल हो गए एंड इस समय राइट टाइम को समझना बोत जरुरी है। और राइट टाइम वही है जब आपका प्लान, स्ट्रेटेजी, टीम और फंड तैयार हो।
>> अपने अपने बिज़नेस से जुड़े सभी एरिया स्टडी कर रखी हुई है। इस दौरान ही याद रखना जरुरी है की राइट टाइम का मतलब लेट हो जाना नहीं होता बल्कि ऑपर्चुनिटी को क्रेक करके आगे बढ़ना होता है।
5 टीम
>> स्टार्टअप के लिए एक परफेक्ट टीम का होना जरुरी है क्युकी अगर आप अपने स्टार्टअप को तेजी से आगे बढ़ाना चाहते है तो आपको टीम की जरुरत तो पड़ेगी। इस परफेक्ट टीम में एक ओडीनेसन और अंडरस्टैंडिंग जरूर हो। और अगर आप स्मॉल स्किल पर स्टार्टअप कर रहे तो स्टार्टिंग में ज्यादा लोगो की टीम के बजह ऐसे मेंबर ही काफी होते है। जब अपने काम में परफेक्ट हो। अपने काम में परफेक्ट हो अपने पेसन को आगे बढ़ने के लिए इसी स्टार्टअप से जुड़े हो और कस्टमर की नीड को फुलफिल करना जिनगी चैलेंजिंग और एक्साइटिंग लगता हो। ऐसे मेंबर से बनी टीम ही स्टार्टअप को हमेसा एनेर्जेनिक और प्रोग्रेसिव बनाये रखती है।
6 फाइनांस
>> स्टार्टअप की सरुअत करने से पहले अगर फंडिंग के बारेमे सही इन्फॉर्मेशन कलेक्ट कर ली जाय तो बिज़नेस करना काफी आसान हो सकता है और स्टार्टअप को बिच में ही बंद करने जैसी सिचुएसन भी कम हो जाते है। इसी लिए पलानिंग, टीम , और कस्टमर के साथ साथ फंडिंग को समजना भी बोत जरुरी है। इसके लिए आपको पता होना चाहिए की आप कहा कहा से स्टार्टअप के लिए फंड कलेक्ट कर सकते है। कुछ फंडिंग सॉर्ट पीरियड ऑफ़ टाइम के लिए होती है। और कुछ लॉन्ग टर्म के लिए आप बोत से फंडिंग में से अपने लिए ऑप्सन चुन सकते है,और उसका फायदा उठा सकते है। बस सरत हे की आपको उनके बारेमे पूरी जानकारी हो जैसे वेंचर केपिटल , एंजल इन्वेस्टर , क्राउड फंडिंग ,गवर्नमेंट सबसिडी , स्टार्टअप एक्युपेटर , बैंक लोन ,माइक्रोफाइनांस प्रोवाइडर एंड ऐसे ही कुछ इम्पोर्टेन्ट ऑप्सन है।
7 कॉम्पिटिशन
>> कॉम्पिटिशन लाइफ की हर फेस में साथ चलता है बिज़नेस में भी कॉम्पिटिशन काफी एहम रोल अदा करता है। ऐसे में मार्केट में मिलने वाले कॉम्पिटिशन के लिए हमेसा तैयार रहना चाहिए। और उसे सही तरह से डील करना भी आना चाहिए। लेकिन बोत बार आपका स्टार्टअप कॉम्पिटिशन इस हद तक इन्वोल हो जाते है की अपने प्रोडक्ट ,कस्टमर और अपने स्ट्रेटेजी से हट कर बिज़नेस करने लगते है जो इनके बिज़नेस के लिए बोत हार्मफूल साबित होता है। इसी कॉम्पिटिशन को फॉलो करके बिसनेस को चलाने की बजह बिज़नेस में थोड़ा सा कॉम्पिटिशन का एलिमेंट साबित करना चाहिए ताकि आप मार्केट में भी बने रहे और अपनी स्ट्रेटेजी से ज्यादा दूर भी न हो
>> दोस्तों स्टार्टअप सरु करने के लिए आपका पेसन और सेल्फ डिसिप्लिन भी उतना जरुरी है जीतन ये सभी 7 एलिमेंट। इसके साथ आपकी सोसियल स्किल और फेसबलिटिस भी आपके एफर्स में चार चाँद लगा सकती है। इसी लिए इन सभी इम्पोर्टेन्ट पॉइंट को ध्यान में रखिये और अपने सक्सेसफुल स्टार्टअप की तयारी सरु कीजिये।
>> तो दोस्तों प्रोस्टार को उम्मीद है की ये मेसेज आपको बोत पसंद आया होगा और आपके लिए मददगार भी साबित होगा। और आगे ऐसी इनोवेटिव जानकारी लेने के लिए हमारे ब्लॉग प्रोस्टार स्पोर्ट को फॉलो करे और लाइक भी जरूर करे ताकि हर इनोवेटीव जानकारी सबसे पहले आपको मिले।
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